
फूलों सी तुम नहीं तो क्या
मेरे दिल में तुमसे ही बहार है |
हिरनी सी चाल नहीं तुम्हारी तो क्या
मेरे दिल को तुम्हारा ही इंतजार है |
संगेमरमर में तराशा बदन नहीं तो क्या
मेरे दिल में एक शिल्पकार है |
हार जाऊं इस ज़माने से तो क्या
मेरे दिल को तुमसे जीत की दरकार है |
हैं फिजायें खुबसूरत तो क्या
मेरे दिल को सिर्फ तुमसे ही प्यार है |
झुकी पलकें, बंद होठों से ही कहना
मेरे दिल पर तुम्हे भी ऐतबार है |
झुकी पलकें, बंद होठों से ही कहना मेरे दिल पर तुम्हे भी ऐतबार है |
रजनीश....